Not known Details About Hanuman Chalisa Lyrics
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रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
जनम जनम के दुख बिसरावै ॥३३॥ अन्त काल रघुबर पुर जाई ।
हनुमान चालीसा का पाठ करते समय सदा हनुमान जी पर अत्यंत श्रद्धा और विस्वास बनाए रखना चाहिए.
महाबीर जब नाम सुनावै ॥२४॥ नासै रोग हरै सब पीरा ।
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कानन कुण्डल कुञ्चित केसा ॥४॥ हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै ।
రామచరిత మానసము అనే గ్రంథము వ్రాసిన శ్రీ తులసి దాసుకు హనుమంతుని దర్శనము జరిగిన పిదప, ఆ ఆనందములో హనుమాన్ చాలీసా వ్రాసారని ప్రతీతి. శ్లోకం :
तेज प्रताप महा जग बन्दन ॥६॥ बिद्यावान गुनी अति चातुर ।
मंगलवार को भक्तगण हनुमानजी को फूल-माला अर्पित करके उन्हें लड्डू चढ़ाते हैं. इस दिन श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करने से भक्तों का हर तरह से कल्याण होता है.
Remaining the most well-liked hymn in praise of Hanuman, the Hanuman Chalisa is recited by an incredible number of Hindus every single day, both of those in superior times and undesirable.
O the Son of Wind, You will be the destroyer of all sorrows. You will be the embodiment of fortune and prosperity.
होय सिद्धि साखी गौरीसा ॥३९॥ read more तुलसीदास सदा हरि चेरा ।
बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार